---Advertisement---

Heart Attack Risk: नींद की कमी से हार्ट अटैक का खतरा! जानें एक्सपर्ट की राय और बचाव के तरीके

By
Last updated:
Follow Us

Heart Attack Risk: नींद की कमी से बढ़ सकता है हार्ट अटैक का खतरा – जानिए एक्सपर्ट की राय और बचाव के उपाय

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोग अक्सर नींद से समझौता कर लेते हैं। काम, सोशल मीडिया, मनोरंजन और तनाव के चलते लोग देर रात तक जागते रहते हैं, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त नींद न लेने से हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि नींद की कमी से क्या नुकसान हो सकते हैं और इससे बचने के लिए क्या उपाय अपनाने चाहिए।

नींद की कमी और हार्ट अटैक का कनेक्शन

शोध बताते हैं कि हर व्यक्ति को कम से कम 7-8 घंटे की गहरी नींद लेनी चाहिए। लेकिन जो लोग इससे कम सोते हैं, उनमें ब्लड प्रेशर बढ़ने, दिल की धड़कन असामान्य होने और कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। इससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

एक्सपर्ट की राय

डॉ. राजा धार (डायरेक्टर और हेड, पल्मोनोलॉजी डिपार्टमेंट, CMRI कोलकाता) के अनुसार,

“दुनियाभर में 10% लोग किसी न किसी प्रकार के स्लीप डिसऑर्डर से पीड़ित हैं। भारत में 20 करोड़ से अधिक लोगों को नींद की समस्या है, लेकिन ज्यादातर लोग इससे अनजान हैं।”

नींद की कमी से होने वाली प्रमुख बीमारियां

  • कार्डियोवैस्कुलर डिसऑर्डर – हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है।
  • मेटाबॉलिक डिसऑर्डर – मोटापा, डायबिटीज और थायरॉइड जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • मस्तिष्क संबंधी समस्याएं – याददाश्त कमजोर होना, ध्यान केंद्रित न कर पाना और मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
  • इम्यून सिस्टम पर असर – शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है, जिससे बार-बार बीमार पड़ने का खतरा रहता है।
  • डिप्रेशन और एंग्जायटी – नींद की कमी से मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ सकता है।

कैसे बचें स्लीप डिसऑर्डर और दिल की बीमारियों से?

नींद की गुणवत्ता सुधारने और दिल को स्वस्थ रखने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं:

1. सही समय पर सोने की आदत डालें

रोजाना एक ही समय पर सोने और जागने की आदत डालें। इससे बॉडी क्लॉक सेट हो जाती है और नींद बेहतर आती है।

2. मोबाइल और स्क्रीन टाइम कम करें

सोने से कम से कम 1 घंटा पहले मोबाइल, टीवी और लैपटॉप का इस्तेमाल बंद कर दें। स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट मेलाटोनिन हार्मोन को प्रभावित करती है, जिससे नींद नहीं आती।

3. कैफीन और एल्कोहल से बचें

रात में चाय, कॉफी या शराब का सेवन करने से नींद खराब हो सकती है। इसकी जगह गर्म दूध या हर्बल टी पीने की आदत डालें।

4. योग और मेडिटेशन करें

रात में सोने से पहले मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग या हल्के योगासन करने से तनाव कम होता है और नींद बेहतर आती है।

5. सोने का माहौल सही रखें

बेडरूम को ठंडा, शांत और अंधकारमय बनाएं। हल्की रोशनी और आरामदायक गद्दे का इस्तेमाल करें, ताकि गहरी नींद आ सके।

6. नियमित एक्सरसाइज करें

रोजाना कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि करने से नींद की गुणवत्ता में सुधार आता है और हार्ट हेल्थ भी अच्छी रहती है।

7. जरूरत हो तो डॉक्टर से सलाह लें

अगर आपको लगातार अनिद्रा, खर्राटे या सोते समय सांस लेने में दिक्कत होती है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यह स्लीप एप्निया या अन्य गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

नींद सिर्फ शरीर को आराम देने का जरिया नहीं है, बल्कि यह दिल और दिमाग की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। अगर आप रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद नहीं लेते, तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

Admin

I am a dedicated health and fitness writer with two years of experience covering a wide range of health issues. My unique perspective allows me to deliver insightful and impactful content in the health world.

For Feedback - mohdhafizatdc1@gmail.com
Join Our WhatsApp Channel

Leave a Comment