Shalabhasana Benefits: International Yoga Day 2025 पर कैसे Locust Pose से आप अपनी posture सुधार सकते हैं, digestion और hormones को balance कर सकते हैं और तनाव को दूर कर सकते हैं।
International Yoga Day 2025 एक यादगार अवसर है खुद को फिर से संतुलित और सशक्त बनाने का। इस खास दिन पर अगर आप अपने शरीर की alignment, inner strength और emotional wellness को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो Shalabhasana (Locust Pose) आपकी yoga routine में जरूर शामिल होना चाहिए। यह एक underrated लेकिन बहुत powerful pose है, जो पूरे शरीर को सक्रिय करता है और मानसिक संतुलन भी लाता है।

Shalabhasana के बेहतरीन लाभ जो हर किसी को जानने चाहिए:
- Posture सुधारने और Tech Neck से राहत: आज की sedentary lifestyle में गलत बैठने और mobile usage की वजह से ‘tech neck’ आम समस्या बन चुकी है। Shalabhasana गर्दन और पीठ को मजबूत बनाकर कंधों को खोलता है और बेहतर posture विकसित करता है।
- Core और Glutes की टोनिंग: जब आप इस pose को करते हैं, तो abdominal muscles और glutes पूरी तरह engage होते हैं। यह आपके pelvic floor को भी मजबूत बनाता है, जो overall strength और stability के लिए जरूरी है।
- Stress और Anxiety में राहत: Shalabhasana करते वक्त deep breathing और full body activation के कारण nervous system शांत होता है। इससे मानसिक तनाव और चिंता से राहत मिलती है और एक positivity महसूस होती है।
- Thyroid Function और Neck Strength को Boost करता है: Upper body को उठाने से neck muscles को gentle stimulation मिलता है जिससे hormonal balance improve होता है और thyroid function भी support होता है।
- Digestion और Metabolism के लिए फायदेमंद: इस pose में जब abdomen पर हल्का दबाव पड़ता है तो digestion process सुधरता है। Bloating, constipation और sluggish digestion जैसी समस्याएं धीरे-धीरे कम होने लगती हैं।
- Lung Capacity में बढ़ोतरी: छाती को ऊपर उठाने से फेफड़ों में ज्यादा oxygen intake होता है, जिससे श्वसन तंत्र बेहतर बनता है और आपकी energy levels natural तरीके से बढ़ती हैं।
- Reproductive और Urinary Health में सुधार: यह pose pelvic region को activate करता है, जिससे bladder control, menstrual comfort और reproductive health बेहतर होती है।

Shalabhasana (Locust Pose) कैसे करें:
- योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
- दोनों पैरों को सीधा और एक साथ रखें। हाथ शरीर के पास रखें, हथेलियाँ ऊपर की ओर रहें।
- माथा नीचे रखें और धीरे-धीरे गहरी सांस लें।
- अपनी core और glutes muscles को engage करें और छाती, हाथ और पैरों को एक साथ ऊपर उठाएं।
- गर्दन को तनाव न दें, ध्यान दें कि आपका पूरा जोर पीठ और पेट की मांसपेशियों पर हो।
- इस pose को 10–30 सेकंड तक होल्ड करें और फिर सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।
- इसे 2-3 बार दोहराएं।
टिप्स: शुरुआती yogis इसे धीरे-धीरे करें और किसी experienced yoga instructor की guidance में अभ्यास करें। खाली पेट या भोजन के 3 घंटे बाद इस योग को करें।








